पेंड्रा: “मौत के स्पीड ब्रेकर पर बवाल: PWD ईई नित्य ठाकुर को ठहराया जिम्मेदार, कांग्रेस ने मांगा निलंबन और FIR—चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान”
PWD की लापरवाही ने ली जान, अब सियासी संग्राम—‘तो सड़क से सदन तक हंगामा”

“मौत के स्पीड ब्रेकर पर सियासी विस्फोट: PWD ईई पर हत्या का केस दर्ज करो, नहीं तो सड़क जाम से लेकर मंत्री घेराव तक आंदोलन”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़)। जिले में एक दर्दनाक हादसे ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है। अवैज्ञानिक और मानकों के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर के कारण हुई युवक की मौत के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) पेंड्रा की कार्यपालन अभियंता पर सीधी जिम्मेदारी तय करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि तत्काल निलंबन और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

स्पीड ब्रेकर बना “मौत का जाल”, 36 वर्षीय युवक की गई जान
गौरतलब है कि 01 अप्रैल 2026 को बसंतपुर निवासी चौथराम भैंना (उम्र 36 वर्ष) सड़क पर बने अवैज्ञानिक स्पीड ब्रेकर से उछलकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को उजागर करती है।


PWD ईई पर सीधे आरोप—“मानकों की अनदेखी से गई जान”

जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मामले में नित्य ठाकुर को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि बिना किसी तकनीकी मानक और सुरक्षा मापदंडों का पालन किए स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया गया, जिससे एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। कांग्रेस ने इसे “प्रशासनिक हत्या” करार दिया है।
निलंबन और FIR की मांग—मंत्री को भेजा गया कड़ा संदेश
कांग्रेस ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री से मांग की है कि संबंधित कार्यपालन अभियंता को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। पार्टी का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही का गंभीर अपराध है, जिसमें सख्त कार्रवाई जरूरी है।

बैठक में —नेताओं ने चेताया, अब नहीं तो कभी नहीं
जिला कांग्रेस की हाल ही में हुई कार्यकारिणी बैठक में यह मुद्दा पूरी तरह छाया रहा। बैठक में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक के के ध्रुव, शैलेश पांडेय, सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा और जिला अध्यक्ष गजमाती भानु सहित सभी नेताओं ने एकजुट होकर कार्रवाई की मांग की।
“पहले ज्ञापन, फिर चक्काजाम, फिर मंत्री का घेराव”
कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है—
14 अप्रैल को मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा
21 अप्रैल को जिलेभर में चक्काजाम किया जाएगा
27 अप्रैल को मंत्री का घेराव किया जाएगा
महिला अधिकारी पर बदसलूकी के आरोप, प्रशासन की छवि पर सवाल
मामले को और गंभीर बनाते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि उक्त अधिकारी द्वारा कुछ दिन पहले पुलिस विभाग के एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी भी की गई थी। इससे जिले में प्रशासन की छवि धूमिल हुई है और अधिकारियों के आचरण पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव, आंदोलन की आहट से हलचल तेज
कांग्रेस के इस आक्रामक तेवर के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जिले में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर ग्रामीणों तक की व्यापक भागीदारी तय मानी जा रही है।









